प्रि-डायबिटीज

 

प्रि-डायबिटीज  क्या है?

 

प्रि-डायबिटीज, डायबिटीज से पहलेवाली उस कंडीशन को कहते है जब शरीर में ग्लूकोस लेवल सामान्य से ज्यादा होता है पर मरीज़ को डायबिटीज के कोई लक्ष्ण नहीं होते हैं। प्रि-डायबिटीज में भी डायबिटीज जैसी समस्याये शरीर में हो सकती हैं, इसीलिए इसके बारे में जानना  महत्वपूर्ण है।

प्रि-डायबिटीज अक्सर बिना किसी चेतावनी लक्षण या संकेत की साथ धीरे-धीरे विकसित होता है और लोगों को पता ही नहीं चलता।

 

प्रि-डायबिटीज के रिस्क फैक्टर्स

  • मोटापा

  • मधुमेह का पारिवारिक इतिहास: करीबी रिश्तेदार (माता पिता या भाई) जिसको मधुमेह है

  • उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर),  एच डी एल ( 'अच्छा कोलेस्ट्रॉल) कोलेस्ट्रॉल का काम होना या  ट्राइग्लिसराइड् का बड़े होना

  • 40 से अधिक उम्र

  • प्रेगनैंट महिला  जिसने एक भारी बच्चे (> 4.5 किलो) को जन्म दिया हो

अगर इनमें से कोई भी स्थिति हो तो, अपना टेस्ट  प्रि-डायबिटीज के जरूर करवाना चाहिए

 

प्रि-डायबिटीज के लिए परीक्षण ( टेस्ट )

  • खाली पेट ब्लड शुगर टेस्ट या HBA1c टेस्ट प्रि-डायबिटीज और डायबिटीज दोनों के बारे में पता लगाने के लिए करा जा सकता है

प्रि-डायबिटीज

  • खाली पेट ब्लड शुगर: 5.5 mmol/L to 6.9 mmol/L

  • HbA1c: 42 to 47 mmol/mol (6.0 to 6.4%)

 

प्रि-डायबिटीज को डायबिटीज बनने से कैसे रोकें

डाइट या खान पान में बदलाव करके और उचित शारीरिक व्यायाम से काफी हद तक ब्लड शुगर को नोर्मल किया जा सकता है और प्रि-डायबिटीज को डायबिटीज बनने से रोका जा सकता है

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