तनाव से कैसे बचें और तनाव का उपचार

तनाव के लक्षण

तनाव आपके जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर सकता है, आपकी भावनाओं, व्यवहार, सोचने की क्षमता और शारीरिक स्वास्थ्य। शरीर के सभी हिस्से तनाव से प्रभावित होते हैं , लेकिन लोगों में तनाव को संभालने या उससे लड़ने का की क्षमता भिन्न होती है, और इसीलिए तनाव के लक्षण भी भिन्न हो सकते हैं। तनाव के लक्षण अस्पष्ट ( नॉनस्पेसिफिक) या किसी बीमारी के लक्षणों से मिलते जुलते हो सकते हैं, इसलिए यह जरुरी है की आप उन्हें अपने डॉक्टर के साथ जरूर चर्चा करें।



तनाव के निम्नलिखित लक्षणों में से आपको किसी का भी अनुभव हो सकता है।

तनाव के भावनात्मक लक्षण :

· आसानी से उत्तेजित हो जाना ,बेचैन, निराश और मूडी होना

· नियंत्रण खोना या दूसरों पर नियंत्रण लेने की जरूरत महसूस होना

· मन को शांत रखने में कठिनाई होना

· छोटी छोटी बातों में चिंता करना या परेशान होना

· विचारों का जल्दी जल्दी बदलना या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

· जल्दी भूल जाना या याद रखने में दिक्कत होना

· फैसले लेने में परेशानी

· निराशावादी होना या केवल नकारात्मक पक्ष को सोचना

· अपने बारे में बुरा (कम आत्मसम्मान) सोचना, अकेला, बेकार और उदास महसूस करना

· दूसरों से बचना

· जिम्मेदारियों से बचना


तनाव के शारीरिक लक्षण

· थकान महसूस करना

· सिरदर्द

· दस्त, कब्ज और मतली या पेट की ख़राबी होना

· भूख में परिवर्तन - काम या बहुत ज्यादा खाना

· शारीरिक दर्द, और मांसपेशियों में तनाव होना

· सीने में दर्द और दिल की धड़कन तेज़ होना

· अनिद्रा या सोने में मुश्किल होना

· लगातार जुकाम और संक्रमण (इन्फेक्शन )

· यौन इच्छा या क्षमता का कम होना

· घबराहट, शरीर में कम्पन या कान में झुंजुनी होना

· ठन्डे या पसीने से तर हाथ और पैर

· अत्यधिक पसीना आना

· मुँह सुखना या निगलने में कठिनाई

· जबड़ो का भींचना और दांत पीसना



लंबे समय तक रहने वाले तनाव के परिणाम

थोड़ा बहुत तनाव होना एक साधारण बात है और उसके लिए चिंतित होने की जरुरत नहीं है। लेकिन लंबे समय तक रहने वाला तनाव कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है

· मानसिक स्वास्थ्य समस्या जैसे की डिप्रेशन, एंग्जायटी और पर्सनालिटी डिसऑर्डर (व्यक्तित्व विकार)

· उच्च रक्तचाप ( हाई ), दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक

· मोटापा

· मासिक धर्म समस्याओं

· यौन इच्छा की कमी

· त्वचा और बालों की समस्याएं, मुँहासे, सोरायसिस, एक्जिमा

· एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस, अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी पेट सम्बंदित समस्याएं



तनाव से कैसे बचें और तनाव का उपचार


1. उन आदतों और व्यवहार को पहचानें जिनसे तनाव होता है

जीवन में किसी बड़े बदलाव के बाद थोड़ा तनाव होना स्वाभाविक है जैसे की नौकरी या घर बदलना या किसी है, या किसी अपने को खोना, लेकिन हर रोज तनाव के कारणों का पता लगाना अधिक जटिल हो सकता है। अक्सर हम अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार, जो की हमें तनाव देते है, उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं ।

तनाव के अपने सच्चे स्रोतों की पहचान करने के लिए, अपनी आदतों और दृष्टिकोण पर गंभीरता से विचार करें :

· क्या आप अपने तनाव को अस्थायी मानते हैं भले ही आपको याद नहीं पिछली बार कब अपने को तनावमुक्त मासूस किया था ?

· क्या आपको लगता है की तनाव आपके काम या घर के जीवन का हिस्सा है या आपका व्यक्तित्व जल्दी तनाव लेने वाला है ?

· क्या आप अपने जीवन में होने वाले तनाव के कारन का दोषी दूसरों को ठहराते हैं

जीवन में होने वाले तनाव में जबतक आप अपनी भूमिका को स्वीकार नहीं करते अपने तनाव को काम नहीं कर सकते और वो आपके से नियंत्रण से बाहर ही रहेगा।


आप अपने तनाव के बारे में विचार करने के लिए एक डायरी लिखना शुरू करें, आप उन घटनाओं और लोगो के बारे में लिखिए जिनसे आपको लगता है की आपको तनाव होता है। इसतरह आप अपने रोज़मर्रा के तनाव को ठीक तरीके से पहचान पायेगें और आप उन लोगों और परिस्थितियों से बेहतर तरीके के साथ निपटने में सक्षम भी होंगें । हर बार जब भी आप स्ट्रेस महसूस करें, इसके बारें में जरूर लिखें। आप अपनी डायरी में इन बातों के बारें में लिखिए:-

• आपके तनाव का कारण क्या है ( अगर आपको नहीं पता तो , अनुमान लगाइये)

• आप कैसा महसूस कर रहे हैं, शारीरिक और भावनात्मक रूप से

• आपकी प्रतिक्रिया क्या थी इस परिस्थिति में

• आपने अपने आपको बेहतर महसूस करने के लिए क्या किया


2. एक स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली अपनाएं

नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि जैसे की व्ययाम और योग, तनाव के प्रभाव को रोकने और कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन इसकेलिए जरुरी नहीं की आप एक खिलाड़ी की तरह जिम में घंटों बिताएं । किसी भी रूप में की गई शारीरिक गतिविधि तनाव से छुटकारा पाने में मदद करती है और क्रोध, तनाव और कुंठा दूर करती है। व्ययाम से हमारे शरीर में ऐसे केमिकल ( एंडोर्फिन) का उत्पादन बढ़ता है जो की हमारा मूड अच्छा रखते हैं। अधिकतम लाभ 30 मिनट या अधिक कसरत करने से आता है, लेकिन आप शुरू में काम समय शुरुआत कर सकते हैं ।

स्वस्थ आहार: एक स्वस्थ शरीर तनाव से निपटने के लिए बेहतर तैयार होता हैं, तो आप क्या कहते हैं इसके प्रति जागरूक होना जरुरी है। सही नाश्ते के साथ अपने दिन की शुरुआत करें, और दिन भर में संतुलित, पौष्टिक भोजन के साथ अपनी शारीरिक ऊर्जा बनाए रखें।

कैफीन और चीनी कम करें: अपने आहार में कॉफी, शीतल पेय, चॉकलेट और चीनी नाश्ते की मात्रा को कम करे।

शराब और सिगरेट से बचें: शराब या नशीले पदार्थों तनाव से बचने का आसान तरीका हो सकता है लेकिन यह केवल अस्थायी है। लंबे समय में यह आदतें परेशानी बड़ा देती हैं।

पर्याप्त नींद लें: पर्याप्त नींद, आपके मन, साथ ही आपके शरीर के लिए बहुत जरुरी है। शारीरिक और मन की थकान किसी भी तनाव को बड़ा देती।


3. विश्राम और मनोरंजन के लिए समय निकालिये

1. विश्राम के लिए अलग से समय निकालिये: अपनी दिनचर्या में अपने लिए आराम का समय जरूर निकालें, इन समय में अपने आपको सभी जिम्मेदारियों और दायित्वों से दूर रखें और अपने मन को शांत रखने की कोशिस करे

2. हर दिन कुछ ऐसा करिये जिससे आपको आनंद मिले: ऐसी गतिविधियों या काम जोकि आप खुशी देते हों, उनके लिए समय अवश्य निकालिये, चाहे वह कितना भी छोटा या आसान सा काम हो


4. लोगों से मेलजोल बढ़ाये

सामाजिक मेलजोल सबसे ताज और कुशल तरीका है तनाव काम करने का। अपनी परेशानी को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जिसपर आप भरोसा करते है सिर्फ जाहिर करने से ही तनाव को काफी हद तक काम किया जा सकता है। यह जरुरी नहीं की जिस इंसान से आप अपनी परेशानी के बारे में बात कर रहे है वह उसका हल बता पाए, परन्तु अपनी परेशानी किसी से सिर्फ जाहिर करने से ही आप अपने मन को हल्का महसूस करते है और उनसे निपटना का तरीका भी खुद ही ढूंढ सकते है

1. जहाँ आप काम करतें हैं वहाँ पर सहयोगियों के साथ मेजजोल बड़ाइये

2. स्वयं किसी और की मदद करें

3. दोस्त के साथ दोपहर का भोजन या कॉफी लें

4. फिल्मों या संगीत कार्यक्रम के लिए किसी के साथ जाईये

5. पुराने दोस्त को कॉल या ईमेल करे

6. किसी दोस्त के साथ टहलने या कसरत के लिए जाएं

7. नए लोगों से मिले, उसके लिए कोई क्लास या ग्रुप ज्वाइन करे


5. तनाव से बचने के लिए शुरू की गई अपनी अस्वस्थ आदतों को बदलें

आप अपने उन तरीकों के बारे में सोचिये जोकि आपने अपने तनाव से सामना करनें के लिए अपनाये हैं। क्या ये तरीके स्वस्थ या अस्वस्थ, सहायक या अनुत्पादक हैं ?

दुर्भाग्य से, कई लोगों के तरीके, तनाव ठीक करनें की बजाय समस्या को बड़ा देते हैं। ये तरीके अस्थायी रूप से तनाव को कम कर सकते हैं, लेकिन वे लंबे समय में अधिक नुकसान करते हैं:-

तनाव के साथ मुकाबला करने के अस्वस्थ तरीके:-

• धूम्रपान

• शराब पीना

• बहुत ज्यादा सोना

• ज्यादा जंक फ़ूड या कहना

• आराम करने के लिए गोलियाँ या दवाओं का प्रयोग

• टालने की आदत या समस्याओं का सामना करने से बचाना

• दोस्तों और परिवार के लोगों से बचाना

• दूसरों पर अपने तनाव को निकालना

अगर आपके तनाव के साथ मुकाबला करने के तरीके आपके भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योगदान नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने की कोशिश करें

कोई भी एक तरीका या विधि हर किसी के लिए या हर स्थिति में काम नहीं करता है, इसलिए विभिन्न तकनीकों और रणनीतियों के साथ में प्रयोग कर सकते हैं। जानने की कोशिश करें किस तरीके से आप शांत और नियंत्रण महसूस करतें हैं ।


6. तनाव से बचने के लिए कुछ आदतें अपने स्वभाव में लाएं जैसे की –

1. अनावश्यक तनाव से बचें

2. जो लोग आपको तनाव देते हैं, उनसे बचें

3. उन स्थितियों को बदलें जो तनाव का कारन हैं

4. तनाव के साथ सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश करें

5. जिन चीजें आप बदल नहीं सकते,उन्हें स्वीकारें

6. लोगों को माफ करना सीखें

7. अपनी भावनाओं को मन में रखने की बजाय व्यक्त करना सीखें

8. स्थितियों से समझौता करना सीखें

9. अपनी बात कहना सीखें



Dr Priya Gupta, DM (Neurology)

Senior Consultant Neurologist

Swastik Medical Centre


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